बाजार में किताबें बिकतीं हैं- 'प्रेमपत्र कैसे लिखें'।... लोगों को प्रेमपत्र लिखना भी सीखना पड़ता है। कितना कुरूप संसार है यह। हर किसी को एक गीत गाना तो आना ही चाहिए। हर कोई कम से कम एक साज बजाना तो आना ही चाहिए। जीवन का हिस्सा होना चाहिए इन बातों को। केवल तभी हम अलग तरह की ऊर्जा, अलग तरह की मानवता रच पाएंगे।
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